"Lapoojhanna" एक ऐसी अनकही कहानी है जो समाज के हाशिए पर खड़े लोगों की पीड़ा, पहचान और संघर्ष को बेहद सशक्त शब्दों में पेश करती है। यह किताब न सिर्फ पढ़ी जाती है, बल्कि महसूस की जाती है — क्योंकि इसमें है एक ऐसी आवाज़, जो अब तक दबा दी गई थी।
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