गुंडा जयशंकर प्रसाद का एक चर्चित उपन्यास है, जिसमें समाज, नैतिकता और मानवीय मूल्यों के टकराव को रोचक कथानक के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। यह कहानी अपराध, प्रायश्चित और परिवर्तन की गहन पड़ताल करती है।
यह संग्रह जयशंकर प्रसाद द्वारा लिखे गए तीन प्रसिद्ध नाटकों – कर्बला, संग्राम, और प्रेम की वेदी – को एक साथ प्रस्तुत करता है। ये नाटक सिर्फ अभिनय नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास, संस्कृति और आत्मा की सजीव अभिव्यक्तियाँ हैं। यदि आप गहराई, संवेदना और वैचारिक शक्ति से भरपूर नाटक पढ़ना चाहते हैं, तो यह PDF आपके लिए परफेक्ट है।