"Naraz" एक ऐसा एहसास है जिसे हर कोई कभी न कभी महसूस करता है — अपनों से, खुद से या ज़िंदगी से। यह किताब उन्हीं नाज़ुक लम्हों को शब्दों में ढालती है, जहां शिकायतें हैं, सन्नाटा है, मगर दिल में कहीं न कहीं मोहब्बत अब भी ज़िंदा है। हर पन्ना आपको खुद से जोड़ता है, और शायद किसी भूले रिश्ते की दस्तक भी देता है।
"Naraz" और "Raavi Paar" दो ऐसी किताबें हैं जो रिश्तों की सच्चाई, जज़्बात की गहराई और ज़िंदगी के तल्ख़ पहलुओं को बेबाकी से बयां करती हैं। ये कहानियां न केवल सोचने पर मजबूर करती हैं, बल्कि दिल को भी छू जाती हैं। अगर आपको गहराई और सच्चाई पसंद है, तो यह संग्रह आपके लिए है।